November 29, 2022

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देवरिया जिले के भागलपुर पुल पर बड़ी गाड़ियों का आवागमन ना शुरू होने से लोगो मे आक्रोश

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रिपोर्ट – सद्दाम हुसैन देवरिया

      देवरिया: (उ0प्र0) देवरिया जिले मे उत्तर प्रदेश के देवरिया- बलिया बॉर्डर पर भागलपुर में सरयू नदी पर बने पुल के रास्ते बड़ी गाड़ियों का आवागमन एक माह बाद भी शुरू नहीं हो सका है। बीते सितंबर माह में यह पुल फिर क्षतिग्रस्त हो गया था। पुल के अधिकांश एक्सपेंशन जॉइंट्स में चौड़े गैप बन गए थे और आरसीसी लिंटर कई जगह टूट गया था। जिससे हल्के वाहनों के गुजरने पर भी पुल झूले की तरह हिलता था। जिसके चलते इस रास्ते बड़ी गाड़ियों के गुजरने पर रोक लगा दी गई। सेतु निगम द्वारा अक्टूबर माह से ही पुल की मरम्मत की जा रही है। मगर अभी तक रिपेयरिंग नहीं हो पाई है। वैसे निर्माण के बाद से ही पुल की कई बार मरम्मत हो चुकी है। लेकिन हर बार खानापूर्ति के चलते पुल जर्जर होता गया। यह कहानी आपको कुछ वैसी ही लगेगी, जैसी बिहार के गांधी सेतु ब्रिज की थी। निर्माण के बाद से ही उत्तर बिहार को राजधानी पटना से जोड़ने वाला गांधी सेतु खराब होने लगा था। वाहनों के चलने से अधिक यह मरम्मत के लिए बंद रहता था। वर्ष 2016-17 में इसके सुपर स्ट्रक्चर को ही बदलने का फैसला लिया गया। इसके बाद यह अब दोबारा बनकर तैयार हुआ है। भागलपुर ब्रिज की स्थिति को लेकर भी इसी प्रकार की कार्रवाई की मांग की जाने लगी है।
1987 में हुआ था शिलान्यास, 2001 में उद्घाटन साल 1987 में भागलपुर में सरयू नदी पर राज्य सेतु निगम की ओर से 2819.44 लाख की लागत से 1185 मीटर लंबे इस पुल निर्माण की शुरुआत की गई थी। 26 दिसंबर 2001 को पुल बनकर तैयार हुआ और तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिह ने इस पुल का उद्घाटन किया था। लोकार्पण के 10 वर्ष बाद से ही पुल क्षतिग्रस्त होने लगा और हर साल इसकी रिपेयरिंग भी कराई जाती रही। मगर रिपेयरिंग के नाम पर हुई खानापूर्ति के चलते पुल जर्जर होता गया। वर्ष 2014 में भी पुल की स्थिति को देखते हुए हफ्तों तक आवागमन बंद रहा।
कई बार हो चुकी है पुल की मरम्मत
वर्ष 2014 में पुल की रिपेयरिंग के बाद आवागमन शुरू हुआ। फिर वर्ष 2016-17 में पुल के दो खंभों के स्लैब में खराबी आ गई। लखनऊ के बंधु ट्रेडर्स को 33 लाख में रिपेयरिंग का ठेका मिला। इसके तहत पुल के 16 खंभों की बेयरिंग बदलने के साथ क्षतिग्रस्त गड्ढों में कंक्रीट भरी गई। अगस्त 2019 में मरम्मत कार्य पूरा हुआ। मगर चार माह बाद फिर पुल के पिलर नंबर 4 और 5 के स्लैब में दरार पड़ने लगी। इसकी वजह से एक बार फिर पुल का रास्ता बंद कर दिया गया। पुल की मरम्मत के लिए बाहर से इंजीनियर बुलाए गए और रिपेयरिंग हुई।

एक महीने से फिर बंद है आवागमन

लगभग एक साल तक पुल ठीक-ठाक चला। जनवरी 2022 में पुल फिर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। उस समस से लगातार मरम्मत का काम जारी है। मरम्मत होने के बाद कुछ दिनों तक पुल चालू रहता है । फिर क्षतिग्रस्त हो जाता है तो गाड़ियों आवागमन रोक कर मरम्मत की जाती है। बीते 16 अक्टूबर से सेतु निगम की ओर से फिर पुल की मरम्मत की जा रही है। इस कारण पुल से होकर बड़ी गाड़ियों का आवागमन पूरी तरह बंद है। हालांकि, हल्की गाड़ियां और दोपहिया वाहनों का आवागमन जारी है। मगर हल्के वाहनों के गुजरने पर भी पुल में तेज कंपन होता है। ज्वाइंटों के गैप से नदी भयावह दिखती है। इस कारण पुल से गुजरने में लोग डरने लगे हैं।
देवरिया से बिहार का पड़ता है सीधा रूट
देवरिया से सड़क मार्ग से बलिया होते हुए बिहार जाने के लिए यह एक सुगम रास्ता है। पुल बंद होने के चलते यह रास्ता लगभग पूरी तरह बंद है। लोगों को इस कारण काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। बिहार जाने के लिए करीब 100 किलोमीटर घूमकर जाना पड़ रहा है। सेतु निगम के अधिशासी अभियंता एसपी सिंह ने बताया कि बाहर से इंजीनियर बुलाए गए हैं। पुल की मरम्मत का काम जारी है। उम्मीद है कि इस बार पुल की अच्छी मरम्मत होगी। उसके बाद आवागमन चालू हो जाएगा।

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