December 3, 2022

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कथा श्रवण से मनुष्यों के समस्त पाप समाप्त हो जाता है

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रिपोर्ट – सद्दाम हुसैन देवरिया

    देवरिया: (उ0प्र0) देवरिया जिले के सलेमपुर के टीचर कालोनी में चल रहे श्रीमदभागवत कथा के तृतीय दिवस केरल से पधारे पं० राघवेन्द्र शास्त्री ने कहा कि हृदय परिवर्तन ही सत्संग का मुख्य उद्देश्य है।
भगवान कपिल माता देवहुती को भगवान शंकर पार्वती को एवं भगवान कृष्ण अर्जुन को सत्संग के द्वारा ज्ञान प्राप्ती करायी । भागवत दर्शन सुलभ है लेकिन भगवान की कथा एवं सत्संग दुर्लभ है। शास्त्री जी ने कहा कि संत का कोई व्यक्तिगत दुख नहीं होता। श्रीमद्भागवत महापुराण प्रत्यक्ष भगवान श्री कृष्ण का विग्रह है। कथा श्रवण से मनुष्यों के समस्त पाप समाप्त हो जाता है।
उन्होंने कहा कि सनक, सनंदन आदि ऋषियों की कथा में भक्ति देवी उपस्थित हो जाती है। कथा के प्रभाव से उनके दोनों पुत्र ज्ञान और वैराग्य चिर तारुण्य प्राप्त कर लेते हैं। हमें संत और ग्रंथ की बात माननी चाहिए। बिना सत्संग के विवेक संभव नहीं है। पंडित राघवेंद्र शास्त्री ने धुंधुली और गोकर्ण प्रसंग का मर्मस्पर्शी वर्णन करते हुए कहा कि सद् पुत्र सुख देने के साथ-साथ पुरुखों को तारने वाला होता है। गोकर्ण जी ने भाई को भी यह कथा सुना प्रेतत्व से मुक्ति दिला दी।
उक्त अवसर पर त्रियुगी नारायण पाण्डेय,अभिषेक जायसवाल, अजय दूबे वत्स,अशोक तिवारी,भोला बाबा,अवधेश तिवारी, प्रदुम्मन पांडेय,बी.बी.तिवारी,अशोक बरनवाल आदि मौजूद रहे।

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