November 27, 2022

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जातीय जनगणना करवाकर दबे-कुचलों को उनका हक दिलाएगी सुभासपा: ओम प्रकाश राजभर

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रिपोर्ट – सद्दाम हुसैन ब्यूरो चीफ देवरिया

    देवरिया: (उ0प्र0) देवरिया जिले मे सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी की “सावधान यात्रा” गुरुवार को देवरिया जिले के गौरीबाजार स्थित औरीचौरा पहुंची। इस सावधान यात्रा रैली को संबोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि वह देश व प्रदेश में जातीय जनगणना कराने की लड़ाई लड़ रहे हैं। यह जनगणना कराने के लिए सरकारों पर भारी दबाव है।
जनगणना के माध्यम से समाज के दबे, कुचले, अति पिछड़ों, दलितों और गरीबों को उनका हक दिलाने का काम किया जाएगा।
बादल और बूंदाबांदी के बीच एकत्र जनसमूह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जनता के लिए उनकी लड़ाई आगे और तेज होगी। आज गरीबों की आवाज ओम प्रकाश राजभर ने राष्ट्रपति भवन तक पहुंचा दिया है। प्रधानमंत्री भी महाराजा सुहेलदेव राजभर की बात करते हैं।
उन्होंने कहा कि यह सावधान यात्रा गरीबों, वंचितों, दलितों, अति पिछड़ों को जगाने के लिए शुरू की गई है। हर रैली में लोगों का हुजूम उमड़ रहा है। यह हुजूम सरकारों को यह संदेश दे रहा है कि प्रदेश का यह वर्ग अपने हक के लिए जागरूक हो चुका है। जातीय जनगणना कराने का दबाव सरकारों पर बन रहा है।                जबतक जातियों की गिनती नहीं होगी तब तक उस जाति को उसका हक नहीं मिलेगा। 1931 में जातीय जनगणना हुई थी। यह व्यवस्था संविधान में है कि हर 10 साल में जातीय जनगणना होगी, लेकिन नहीं कराई जा रही है। जब तक जातीय जनगणना नहीं हो जाएगी तब तक ओम प्रकाश राजभर ऐसे ही बाजा बजाते रहेंगे। इस मुद्दे पर बड़े बड़े पहलवानों को जमीन में दफनाने का काम सुभासपा करेगी। यह लड़ाई समाधान के लिए है।
ओम प्रकाश राजभर नें कहा कि आजादी के 75 साल में पहली बार राजनीति में राजभर, बिंद, प्रजापति, अर्कवंशी, बहेलिया बंजारा, खंगार जैसी जातियों की चर्चा हो रही है। अभी तक नाई, गोंड, निषाद, बिंद जैसी जातियों का प्रयोग सिर्फ वोट के लिए राजनीतिक दल करते रहे हैं, यह सावधान यात्रा इन लोगों को जगाने का काम कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब राजनीतिक दल सत्ता में रहते हैं तो उनके समझ में यह नहीं आता है कि जब नौकरी में आवेदन करता है तो पेपर एक ही होता है। हमारी पार्टी ने तय किया है कि जब देश का संविधान एक है, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एक हैं तो शिक्षा भी एक समान होनी चाहिए। सबको समान भादीगारी मिलनी चाहिए। एक शिक्षा, अनिवार्य शिक्षा और मुफ्त शिक्षा की लड़ाई लड़ने के लिए जनता को तैयार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि 5.5 साल से वह विधानसभा में हैं और 9.38 करोड़ रुपये गरीबों के इलाज के लिए दे चुके हैं। अब इस देश में एक कानून बने गरीब किसी भी जाति का हो उसके इलाज व आपरेशन का खर्च सरकार दे। लोगों को रोजगार चाहिए। आज नौजवान बेरोजगार हो रहे हैं। कक्षा चार से ही रोजगारपरक शिक्षा दी जाए। तकनीकी शिक्षा के 100 विषय बनें। रैलियों के माध्यम से जनता को जागरूक किया जाएगा कि कोई भी नेता उनके बीच आए तो उससे रोजगारपरक शिक्षा की बात करें।
उदाहरण दिया कि बाइक बनाने की शिक्षा लेने वाला युवा जिस दिन पढ़ाई छोड़ेगा तत्काल रोजगार से जुड़ जाएगा।
राजभर ने बताया कि यात्रा 26 सितंबर से लखनऊ से चल रही है यह सावधान यात्रा यूपी के 75 जिलों से होते हुए 27 अक्तूबर को गांधी मैदान पटना में पहुंचेंगी जहां पर सावधान महारैली के बाद सावधान यात्रा का समापन होगा। उन्होंने बताया कि 2004 से ही उनकी पार्टी बिहार में लोकसभा और विधानसभा का चुनाव लड़ रही है। आने वाले लोकसभा चुनाव में बिहार में भी मजबूती से चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि देश में अब सभी दलों को मालूम हो गया है कि ओम प्रकाश राजभर यूपी में बड़ी ताकत बन गया है। ओम प्रकाश राजभर जो सदन में बोलते हैं वही सड़क पर बोलते हैं।
हाईकोर्ट ने आदेश दे दिया है कि भर, राजभर जाति को अनुसूचित जनजाति में शामिल कर दिया जाए। मुख्यमंत्री से सारे सबूत के साथ मिला। मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव ने सीएम के सामने पूरी फाइल देखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि लड़ाई सही है। मुख्यमंत्री दिल्ली प्रस्ताव भेजने के लिए तैयार हो गए। मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव को प्रस्ताव भेजने का आदेश दे दिया। 71 साल बाद यह प्रस्ताव लखनऊ से दिल्ली गया है। यह प्रस्ताव दिल्ली से पास कराना है। यह लड़ाई आपके बच्चों के भविष्य की है। इस मुद्दे पर लगातार सीएम से बात हो रही है। मुख्य रूप से राष्ट्रीय प्रमुख प्रवक्ता अरुण राजभर, प्रदेश अध्यक्ष विच्छेलाल राजभर विधायक बेदी राम,रजनीश श्रीवास्तव, सुनीता राजभर,उमरावती सिंह,विरेंद्र यादव,ज़िलाध्यक्ष ब्रिजेश राजभर,अवधेश राजभर,सुनील सिंह चन्द्रशेखर राजभर गुड्डू, विरेन्द्र राजभर, जालु राजभर, लक्ष्मी राजभर लालचंद राजभर गोरख राजभर रमेश राजभर , रामनरायण, नरेंद्र बलवन्त कुशवाहा, जनक कुशवाहा आदि नेता संबोधित किए।

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