August 13, 2022

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बाबा राघव दास एक व्यक्ति नहीं बल्कि एक विचार थे: रमापति राम त्रिपाठी

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रिपोर्ट – सद्दाम हुसैन

देवरिया: (उ0प्र0) देवरिया जिले मे बाबा राघव दास स्नातकोत्तर महाविद्यालय देवरिया में बाबा राघव दास जी की 125 वीं जयंती समारोह का आयोजन हुआ। इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में देवरिया के सांसद माननीय डॉ0 रमापति राम त्रिपाठी जी, विशिष्ट अतिथि सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ0 अनंत मिश्र, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्याल, गोरखपुर एवं अध्यक्षता श्रीमती अलका सिंह नगर पालिका अध्यक्ष देवरिया ने किया। समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा मां शारदा के चित्र पर पुष्प अर्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया ।
बाबा राघव दास के जयंती के अवसर पर मुख्य अतिथि देवरिया सदर सांसद डॉ0 रमापति राम त्रिपाठी जी द्वारा बाबा राघव दास की 125 वीं जयंती के लिए प्राचार्य जी को साधुवाद दिया एवं छात्र- छात्राओं की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को सराहा। मुख्य अतिथि द्वारा बाबा राघव दास जी एक व्यक्ति नहीं विचार थे ऐसा अपने संबोधन में किया। उनके द्वारा बताया गया कि संचार अभाव के बावजूद महाराष्ट्र के पुणे से चलकर पूर्वांचल को कर्मभूमि उनके द्वारा बनाया गया। पूर्वांचल में अनेकों शिक्षा संस्थान के वे जनक थे वह बहुत बड़े समाजसेवी , कर्मयोगी , शिक्षा प्रेमी और मूर्धन्य राजनीतिज्ञ थे। माननीय मुख्य अतिथि द्वारा महाविद्यालय में एक वृहद पुस्तकालय बनाए जाने की घोषणा की गई। इस कार्यक्रम की समस्त रूपरेखा महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर शरद चन्द्र मिश्र जी द्वारा अपने उद्बोधन में प्रस्तुत किया गया।
इसके अगले कड़ी में कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर आनंद मिश्र, सेवानिवृत्त विभागाध्यक्ष हिंदी विभाग, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविदयालय के द्वारा बाबा राघव दास जी के द्वारा स्थापित शिक्षा केंद्रों के स्थापना पर विचार व्यक्त किया गया एवं उनके द्वारा एक यह प्रश्न विचार हेतु अंत में छोड़ा गया कि आजादी के 75 वर्ष बाद तक हमारे समय में श्रद्धेय पुरुष और श्रद्धेय महिला क्यों नहीं है जबकि सब वैभव और भौतिक सुख-सुविधा के बावजूद वे कौन से कारण हैं कि अब वर्तमान में श्रद्धा नहीं है चाहे वह विज्ञान का क्षेत्र हो राजनीति का क्षेत्र हो व्यापार का क्षेत्र हो समाज सेवा का क्षेत्र हो शिक्षा का क्षेत्र हो चाहे धर्म का क्षेत्र हो अब किसी भी क्षेत्र में श्रद्धा नहीं रहे।कार्यक्रम के अगले कड़ी में विशिष्ट अतिथि डॉ अश्वनी कुमार मिश्र क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी गोरखपुर एवं डॉ अलका सिंह नगर पालिका अध्यक्ष देवरिया रही।
बाबा राघव दास जी की जयंती के अवसर पर महाविद्यालय में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया जिसमें भाषण प्रतियोगिता में कुमारी निधि मद्धेशिया प्रथम, रेनू यादव द्वितीय एवं अनवेषा शुक्ला तृतीय स्थान पर रहे । इसी क्रम में पोस्टर प्रतियोगिता में अमीषा शर्मा प्रथम, रोशनी विश्वकर्मा द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर रहे। निबंध प्रतियोगिता में दृष्टि पाठक प्रथम, प्रियंका जायसवाल द्वितीय एवं अंकिता तिवारी तृतीय स्थान पर रहे। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में पायल त्रिपाठी व बृजेश पांडे संयुक्त रूप से प्रथम स्थान पर, हरेंद्र गुप्ता द्वितीय एवं राजाराम पांडे एवं विशाल कुमार राणा तृतीय स्थान पर रहे । इसकी अगली कड़ी में यातायात जागरूकता प्रतियोगिता में प्रदेश स्तर पर चतुर्थ स्थान एवं मंडल स्तर पर प्रथम स्थान महाविद्यालय के छात्र सत्यम ने प्राप्त किया। महाविद्यालय में बाबा राघव दास जी की जयंती के अवसर पर डॉक्टर अखिलेश चंद्र पांडे प्राचार्य अकबरपुर महाविद्यालय कानपुर देहात द्वारा कुल गीत प्रस्तुत किया गया जो वे स्वयं इस कुलगीत के सृजनकर्ता है।उनको इस पुनीत कार्य के लिए महाविद्यालय के प्राचार्य एवं गुआक्टा के अध्यक्ष डॉ केडी तिवारी द्वारा सम्मान पत्र एवं अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया।महाविद्यालय के कुल गीत का शीर्षक “बाबा राघव की तपोभूमि सोंधी खुशबू से खिल जाए”। कार्यक्रम की अगली कड़ी में इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य जी द्वारा श्रीमती मंजू त्रिपाठी पत्नी आमोद नाथ त्रिपाठी को सम्मानित किया गया जो कि वे अपना एक शोधपत्र बाबा राघव दास पर किए थे जिसका शीर्षक था पूर्वांचल के गांधी बाबा राघव दास।
कार्यक्रम के अगली कड़ी में श्री भूषण त्यागी जी द्वारा काव्य पाठ बाबा राघव दास जी के जयंती के अवसर पर किया गया । अंत में उनके द्वारा देश के सैनिकों के निमित्त एक काव्य पाठ प्रस्तुत किया गया जिसमें किसी को प्यार की शहनाइयां बुलाती हैं किसी को यार की तनहाइयां बुलाती हैं प्रमुख रूप से रही।
महाविद्यालय में बाबा राघव दास जी की 125 वीं जयंती समारोह के अवसर पर मुख्य अतिथि एवं महाविद्यालय के वर्तमान प्राचार्य द्वारा महाविद्यालय में किए गए विकास कार्यों के लिए महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्यों को सम्मानित किया गया जिसमें प्रमुख रुप से डॉक्टर महेंद्र पांडे जी, डॉक्टर महेश्वर सिंह जी, श्री अवधेश सिंह जी, डॉक्टर कमलापति, डा एम बी शाही जी, श्री सुरेंद्र नाथ त्रिपाठी जी एवं इस अवसर पर सेवानिवृत्त पूर्व एसोसिएट प्रोफेसर डॉ बीके ओझा ,डॉ अनिल द्विवेदी, श्री रमाशंकर सिंह आजाद, श्री अमर सिंह, डॉ 0 डी0 एन 0 मणि त्रिपाठी, पुस्तकालय अध्यक्ष श्री अवधेश चौबे ,पूर्व पुस्तकालय लिपिक त्रिवेणी नाथ तिवारी, नैतिक लिपिक श्री शंभू नाथ मिश्र, श्री गंगा यादव आदि की गरिमामय उपस्थिति रही।इस अवसर पर जनपद के अन्य महाविद्यालयों के प्राचार्य गण को भी सम्मानित किया गया जिसमें डॉ अर्जुन मिश्रा संत बिनोवा पी जी कॉलेज, डॉ ब्रजेश कुमार पांडे रामजी सहाय पीजी कॉलेज रूद्रपुर, डॉक्टर चंद्र प्रकाश राय देवानंद पीजी कॉलेज मठलार, डॉ राकेश भाटपार रानी आदि उपस्थित रहे
। इस अवसर पर महाविद्यालय में महाविद्यालय के डॉ विनय कुमार रावत, डॉ हरिशंकर गोविंदराव, डॉ ज्ञानेंद्र सिंह, डॉक्टर के डी तिवारी, डॉक्टर पी एन सिंह, डॉक्टर एम आर पी सिंह, डॉक्टर के के ओझा, डॉक्टर नरेंद्र कुमार, डॉ रमेश यादव, डॉ रजनीश कुमार, डॉक्टर सुभाष चंद, डॉक्टर सतीश चंद गोंड, डॉ श्रीमती कुसुम सिंह, डॉक्टर संध्या उपाध्याय, डॉ भावना सिन्हा, श्री चन्द्रशेखर मिश्रा , डॉ0 अभिनव सिंह आदि उपस्थित रहें।कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर श्रीमती संध्या उपाध्याय , डॉ प्रदीप द्विवेदी, डॉ श्रीमती भावना सिन्हा एवं डॉ प्रद्योत कुमार सिंह जी द्वारा किया गया।इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त शिक्षक गण एवं समस्त शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।

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