August 12, 2022

Top1 india news

No. 1 News Portal of India

कौन हैं CDS चॉपर क्रैश में एक मात्र जिंदा बचे शख्स वरुण सिंह? इस साल मिला था शौर्य चक्र

1 min read

रिपोर्ट – सद्दाम हुसैन

देवरिया:(उ0प्र0) देवरिया जिले के रहने वाले भारतीय वायु सेना का एमआई-17V5 हेलीकॉप्टर बुधवार को तमिलनाडु के कुन्नूर में क्रैश हो गया। इस हादसे में सीडीएस जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत समेत 13 लोगों का निधन हो गया। जबकि, देवरिया के रुद्रपुर के रहने वाले भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह इस हादसे में बच गए हैं। वह गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज जारी है।
इस साल मिला था शौर्य चक्र
इस साल मिला था शौर्य चक्र
ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रुद्रपुर तहसील के कन्हौली गांव के रहने वाले हैं। अपने अदम्य साहस और पराक्रम के दम पर शांतिकाल में सेना का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार हासिल कर देवरिया जिले को गर्व करने का मौका दिया है। उन्हें 15 अगस्त 2021 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था। यह अवार्ड विंग कमांडर को फ्लाइंग कंट्रोल सिस्टम खराब होने के बाद भी 10 हजार फीट की ऊंचाई से विमान की सफल लैंडिंग कराने पर दिया गया था।
पूर्व विधायक के हैं भतीजे
पूर्व विधायक के हैं भतीजे
कन्हौली गांव के रहने वाले विंग कमांडर वरुण सिंह कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्व विधायक अखिलेश प्रताप सिंह के भतीजे हैं। उनके पिता कर्नल केपी सिंह भी सेना से रिटायर हो चुके हैं। छोटे भाई भी जल सेना में कार्यरत हैं। वरुण ने संकट के समय बिना जान की परवाह किए अदम्य साहस का परिचय दिया। 12 अक्तूबर 2020 को वरुण लाइट कॉम्बेट एयर क्राफ्ट के साथ उड़ान पर थे।
CDS बिपिन रावत और उनकी पत्नी का शुक्रवार को दिल्ली कैंट में होगा अंतिम संस्कारCDS बिपिन रावत और उनकी पत्नी का शुक्रवार को दिल्ली कैंट में होगा अंतिम संस्कार
फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम खराब होने पर सफल लैंडिग कराई
फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम खराब होने पर सफल लैंडिग कराई
उन्होंने बताया कि, लगभग 10 हजार फीट की ऊंचाई पर पहुंचते ही विमान का फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम खराब हो गया। लेकिन वरुण ने आपदा के समय धैर्य नहीं खोया। उन्होंने संयम का परिचय देते हुए आबादी से दूर ले जाकर विमान की सफल लैंडिंग कराई। इससे न केवल कई लोगों की जान बच गई, बल्कि विमान बर्बाद होने से बच गया। वह तेजस उड़ा रहे थे। वरुण फाइटर प्लेन पायलट हैं। वह गोरखपुर में 2007 से 2009 तक कार्यरत रह चुके हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Copyright ©2022-2023 Top1 India News | Newsphere by AF themes.
Translate »