November 29, 2022

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पत्रकार पर हुए जानलेवा हमले में डीएम और एसपी को सौंपा गया ज्ञापन

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रिपोर्ट – सद्दाम हुसैन देवरिया

     देवरिया: (उ0प्र0) देवरिया जिले के मईल थाने की लापरवाही के कारण पत्रकारों ने पत्रकार डॉ जनार्दन के ऊपर हुए जानलेवा हमले का पर्दाफाश ना होने के कारण डीएम और एसपी को सौंपा ज्ञापन।

मईल थाना घेराव की चेतावनी👇

पत्रकार जनार्दन कुशवाहा पर हुए प्राणघातक हमले में मईल पुलिस की लापरवाही से आक्रोशित पत्रकार एसोसिएशन ने देवरिया के डीएम और एसपी को उपजिलाधिकारी बरहज के द्वारा ज्ञापन सौंप कर मईल थाना घेराव की चेतावनी से अवगत कराया है।
बरहज थाना क्षेत्र के मौनागढवा गांव निवासी जनार्दन कुशवाहा वरिष्ठ पत्रकार हैं और अपने गांव के ग्राम प्रधान हैं। मईल थाना क्षेत्र के रामजानकी मार्ग पर तेलियाकला गांव में इनकी दवा की दुकान है। परिवार सहित यह सलेमपुर स्थित अपने मकान में रहते हैं। बीते 10 अक्टूबर 022 को सायंकाल लगभग 7 से 7:30 बजे अपनी दुकान बंद कर अपने सलेमपुर आवास के लिए चल दिए। बरेजी से बरठा मार्ग पर ड्योढी गांव के सामने खडंजा पर पहुंचे ही थे कि पहले से घात लगाकर इंतजार कर रहे आधा दर्जन से अधिक की संख्या में मौजूद अज्ञात नकाबपोश बदमाशों ने इनके ऊपर हमला बोल दिया। संयोग ठीक था कि वह हेलमेट पहने हुए थे। हमलावरों ने सिर पर इतना वार किया है कि हेलमेट जगह-जगह से इस बात की गवाही दे रहा है कि वह उनके जीवन का सुरक्षाकवच बन गया। मईल पुलिस ने इस घटना को                  गंभीरतापूर्वक नहीं लिया। पुलिस ने साधारण मारपीट का मुकदमा दर्ज कर इस मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। इस मामले में बरहज थाना में तैनात मौनागढवा गांव का हल्का सिपाही इन्द्रकेश चौहान की भूमिका भी संदिग्ध है।
अतः हम सभी पत्रकार आप से जनार्दन कुशवाहा के मामले में न्याय की मांग करते पत्रकार एसोसिएशन ने साधारण मारपीट की जगह प्राणघातक। हमले का मुदमा दर्ज हो। तथा घटना के समय घटनास्थल पर मोबाइल लोकेशन ट्रेस किया जाए व बरहज थाना में तैनात गांव का हल्का सिपाही को निलंबित कर उसके संदिग्धता की जांच हो और दोषी पाए जाने पर उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो।
पीड़ित पत्रकार ने गांव के एक संदिग्ध युवक पर जिसने तेलियाकला की दुकान से रेकी किया था उसे शीघ्र गिरफ्तार कर अन्य अज्ञात नकाबपोश बदमाशों और उनके हत्या की साजिश रचने वाले षडयंत्रकारियों का पर्दाफाश करते हुए गिरफ्तार किया जाए। पत्रकारों ने कहा अगर एक सप्ताह के अंदर न्याय नहीं मिलने पर मईल थाना का घेराव और आंदोलन करने के लिए पत्रकार बाध्य होंगे और इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।

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