November 27, 2022

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देवरिया में रात को 1 बजे प्रशासन ने किया था मुलायम सिंह को गिरफ्तार

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रिपोर्ट – सद्दाम हुसैन ब्यूरो चीफ देवरिया

      देवरिया: (उ0प्र0) देवरिया जिले मे पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव का देवरिया से भी गहरा नाता रहा है। यहां के कई समाजवादियों से उनके निजी ताल्लुकात भी थे। समाजवादियों के संघर्ष में भी वे उनके साथ खड़े रहे। ऐसे ही एक मौके पर मुलायम सिंह यादव को प्रशासन को रात 1 बजे पीडब्लूडी डाकबंगले से गिरफ्तार करना पड़ा था। प्रशासन ने उन्हें रातों रात बनारस सेंट्रल जेल भेज दिया था।
1992 में कुशीनगर जिला नहीं बना था तथा वह देवरिया का ही हिस्सा था। जिले के रामकोला में किसानों का आंदोलन चल रहा था। आंदोलन के दौरान पुलिस फायरिंग में तीन किसानों की मौत हो गयी थी। उसके बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओ के रामकोला आने का सिलसिला शुरू हो गया। उसी समय जनता दल के प्रदेश अध्यक्ष होने के चलते मुलायम सिंह यादव भी आए और रामकोला के रामलीला मैदान में सभा कर उन्होंने एक तिथि की तय करते हुए घोषणा किया कि वह यहां आकर गिरफ्तारी देंगे। घोषित तिथि के दिन पहले मुलायम सिंह यादव जिले में आ गए। वह पीडब्लूडी डांकबंगले में रुके। पूर्व विधायक व उस समय जनता दल के जिलाध्यक्ष रहे सुरेश यादव बताते हैं कि अगले दिन सुबह नेताजी को रामकोला जाकर गिरफ्तारी देनी थी। इसके लिए दल के नेताओं ने व्यापक तैयारी भी की थी। डाकबंगले पर कार्यकर्ता व नेता जुटे भी थे। नेताजी ने सबको सुबह आने की बात कहकर घर भेज दिया l
वे बताते हैं कि प्रशासन भी तैयारी में था और भीड़ हटने के बाद रात 1 बजे डीएम मनोज कुमार खुद पहुचे और नेताजी को गिरफ्तार कर लिया गया। प्रशासन ने रातों रात नेताजी, बालेश्वर यादव व कुछ अन्य लोगों को बनारस सेंट्रल जेल भेज दिया। नेताजी की गिरफ्तारी के बाद अगले दिन जनेश्वर मिश्र के नेतृत्व में आंदोलन हुआ और 132 लोगों की गिरफ्तारी हुई।

पूर्वांचल में भटनी में हुई थी नेताजी की पहली सभा

मुलायम सिंह यादव के पूर्वांचल में आने की शुरुआत देवरिया से ही हुई और इस इलाके में उनकी पहली सभा भटनी में हुई थी। 1978 में सहकारिता मंत्री रहते हुए उन्होंने भटनी रेलवे स्टेशन पर सभा को सम्बोधित किया था।

बात के पक्के थे नेताजी

पूर्व मंत्री ब्रह्माशंकर त्रिपाठी कहते हैं कि नेताजी जुबान के पक्के थे। 1995 में कुशीनगर जिले का गठन होना था। उस समय मैं व कुछ अन्य साथी कसया को जिला मुख्यालय बनाने की जिद पर अड़े थे, लेकिन नेताजी पडरौना की जनता से पडरौना में जिला मुख्यालय बनाने का वादा कर चुके थे। उन्होंने हम लोगों को समझाया तथा कसया को तहसील बनाया और कसया से जिला मुख्यालय की दूरी कम रहे, इसके लिए रविन्द्र नगर धुस में जिला मुख्यालय बनाने का कार्य किया।

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