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30 अप्रैल तक फसल अवशेष काटने हेतु स्ट्रा रीपर (भूसा बनाने वाली मशीन) के प्रयोग पर रोक

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रिपोर्ट – सद्दाम हुसैन देवरिया

देवरिया: (उ0प्र0) देवरिया जिले मे अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) कुँवर पंकज ने बताया है कि जनपद में गेहूं की फसल तैयार हो रही है, जिसकी कटाई एवं सुरक्षित किये जाने हेतु भण्डारण आवश्यक है। गेहूँ की तैयार फसल को कृषकों द्वारा कम्बाईन मशीनों से कटाई कराये जाने एवं उसके अवशेषों से भूसा बनाने हेतु भूसा बनाने की मशीन (स्ट्रा रीपर) का उपयोग किया जा रहा है। भूसा बनाने की मशीन (स्ट्रा रीपर) के प्रयोग से विगत वर्ष एवं इस वर्ष भी कहीं-कहीं उससे निकलने वाली चिंगारी से आग लगने की घटनायें घटित होने की भी सूचनायें प्राप्त हो रही हैं, जिससे फसल के अवशेषों एवं अगल-बगल में खड़ी फसलों में भी आग लग जाती है, जिससे काफी नुकसान कृषकों को उठाना पड़ रहा है।
अपर जिलाधिकारी ने उक्त के दृष्टिगत धारा 144 के अन्तर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए जनपद में 30 अप्रैल तक फसल अवशेष काटने हेतु स्ट्रा रीपर (भूसा बनाने वाली मशीन) के प्रयोग को प्रतिबन्धित किया है। जनपद- देवरिया क्षेत्रान्तर्गत स्ट्रा रीपर मशीन का फसल अवशेष काटने में प्रयोग किये जाने एवं फसल अवशेष / डण्ठल में आग लगाने पर सम्बन्धित के विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी। इसके साथ ही समस्त उप जिला मजिस्ट्रेट / तहसीलदार / क्षेत्राधिकारी / प्रभारी निरीक्षक / थानाध्यक्ष निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करायें।समस्त लेखपाल / बीट कॉन्स्टेबल / चौकीदार अपने-अपने क्षेत्र में भ्रमण करते हुए सुनिश्चित करें कि उनके क्षेत्र में कहीं भी स्ट्रा रीपर मशीन से फसल अवशेष की कटाई न हो और न ही फसल अवशेष / डण्ठल में आग लगाया जाय स्ट्रा रीपर मशीन के प्रयोग / डण्ठल में आग लगाने की घटना की सूचना प्राप्त होने पर तत्काल सम्बन्धित के विरूद्ध कार्यवाही हेतु अपने उच्चाधिकारी को रिपोर्ट प्रेषित करें अन्यथा सम्बन्धित कर्मचारी का उत्तरदायित्व निर्धारित किया जायेगा। कृषि विभाग द्वारा अपने ग्राम स्तरीय अधिकारियों / कर्मचारियों के माध्यम से भी निगरानी कराते हुए सुनिश्चित किया जाय कि कहीं भी स्ट्रा रीपर मशीन से फसल अवशेष की कटाई न हो। राजस्व एवं कृषि विभाग द्वारा अग्निकाण्ड से होने वाली घटनाओं से बचाव हेतु राहत. आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी “क्या करें क्या न करें एवं “बचाव के उपाय” का ग्रामीण क्षेत्र में व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाय।

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