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देवरिया जिले मे 03 मार्च को 1593 मतदान केन्द्रों के 2733 मतदेय स्थलों पर सम्पन्न होगा मतदान

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रिपोर्ट – सद्दाम हुसैन मिडिया प्रभारी देवरिया

देवरिया: (उ0प्र0) देवरिया जिले मे जिलाधिकारी / जिला निर्वाचन अधिकारी आशुतोष निरंजन ने एतद्द्वारा विधान सभा सामान्य निर्वाचन-2022 के सर्वसाधारण सहित जनपद के समस्त मान्यता प्राप्त / अमान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों एवं सभी निर्वाचन लड़ने वाल अभ्यर्थियों को अवगत कराया है कि आयोग के निर्देशानुसार जनपद- देवरिया में मतदान 03 मार्च (बृहस्पतिवार) को प्रातः 07 बजे से सायंकाल 06 बजे तक जनपद में अवस्थित विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों के 1593 मतदान केन्द्रों के 2733 मतदेय स्थलों पर सम्पन्न होगा।

जिलाधिकारी ने बताया कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126 के निर्दिष्ट उपबन्धों के अनुसार मतदान की समाप्ति के लिए नियत किये गये समय के साथ समाप्त होने वाले 48 घंटो की कालावधि के दौरान अर्थात 01 मार्च के सायंकाल 06 बजे के पश्चात् निर्वाचन के संबंध में न तो कोई व्यक्ति सार्वजनिक सभा या जूलूस आयोजित करेगा न ही उसमें उपस्थित / सम्मिलित होगा और न ही संबोधित करेगा तथा न ही चलचित्र, टी0वी या अन्य समान साधनों द्वारा जनता के समक्ष किसी निर्वाचन संबंधी बात का संप्रदर्शन करेगा अथवा न ही कोई संगीत समारोह या कोई नाट्य अभिनय या कोई अन्य मनोरंजन या आमोद-प्रमोद का आयोजन या निर्वाचन संबंधी बात का प्रचार जनता को उसके प्रति आकर्षित करने की दृष्टि से करेगा। जो कोई व्यक्ति इसका उल्लंघन करेगा, कारावास से जिसकी अवधि 02 वर्ष तक हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनो से दंडनीय होगा।

लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126 (क) के निर्दिष्ट उपबन्धों के अनुसार आयोग द्वारा अधिसूचित अवधि 10 फरवरी, 2022 (बृहस्पतिवार) के पूर्वाहन 07 बजे और 07 मार्च, 2022 (सोमवार) के सांय 06.30 बजे तक के बीच के अवधि के दौरान निर्वाचन के संबंध में किसी भी प्रकार के एग्जिट पोल का आयोजन करने तथा प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया द्वारा इसके परिणाम के प्रकाशन या प्रचार अथवा किसी भी अन्य तरीके से उसका प्रचार-प्रसार करने एवं किसी भी ओपिनियन पोल या अन्य किसी मतदान सर्वेक्षण के परिणामों सहित किसी भी प्रकार के निर्वाचन संबंधी मामले के प्रदर्शन पर प्रतिबंध होगा। जो कोई व्यक्ति इसका उल्लंघन करेगा, कारावास से जिसकी अवधि 02 वर्ष तक हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनो से दंडनीय होगा।

प्रचार अवधि की समाप्ति 01 मार्च के सांयकाल 06.00 बजे के पश्चात् किसी भी राजनीतिक दल का कोई भी पदाधिकारी / राजनीतिक कार्यकर्ता / पार्टी कार्यकर्ता, जो उस निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता नहीं है, उन्हें निर्वाचन क्षेत्र में उपस्थित नहीं रहना चाहिए। ऐसे पदाधिकारी को प्रचार अवधि समाप्त होने के तुरंत बाद निर्वाचन क्षेत्र को छोड़ देना चाहिए। यह अभ्यर्थी या उसके निर्वाचन अभिकर्ता के मामले में लागू नहीं होगा, भले ही वे निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता न हों। मतदान केन्द्र के 100 मीटर की परिधि में कर्तव्यारूढ़ अधिकारियों को छोड़कर किसी अन्य को सेलुलर फोन, बेतार दूरभाष आदि की अनुमति नहीं होगी। मतदान केन्द्र के 100 मीटर के भीतर कोई अभियान संबंधी पोस्टर या बैनर नहीं होगा। मतदान के दौरान मतदान स्थल में पीठासीन अधिकारी व अन्य कर्मचारी अपने मोबाइल फोन का स्वीच ऑफ रखेंगे। यदि आवश्यक हो तो मतदेय स्थल के बाहर से बात कर सकते हैं। मतदान केन्द्र के 100 मीटर के परिधि के भीतर ध्वनि विस्तारक, मेगा फोन आदि एवं उच्छृंखल आचरण निषिद्ध होगा। जो कोई व्यक्ति ऐसा करेगा उसके विरूद्ध सुसंगत प्राविधानों के तहत दंडात्मक कार्यवाही की जायेगी। मतदान केन्द्र से 200 मीटर के बाहर बिना शामियाना / तम्बू के अभ्यर्थियों के निर्वाचन बूथ, जिसमें 01 मेज, 02 कुर्सियां एवं 3 फुट x 1.5 फुट तक का 01 बैनर हो सकेगा, स्थापित किया जा सकता है। अभ्यर्थी के निर्वाचन बूथ का रख-रखाव करने वाले व्यक्ति को अपना निर्वाचक फोटो पहचान-पत्र साथ में रखना चाहिए। अभ्यर्थी के बूथ पर निर्वाचक पर्चियां बिना किसी अभ्यर्थी / दल के निशान / प्रतीक के सादी-श्वेत पर्चियां होंगी। किसी भी पर्ची या किसी भी राजनीतिक सामग्री युक्त सामग्री का वितरण किया जाना निषिद्ध होगा। अधिकृत सुरक्षा कर्मियों को छोड़कर किसी भी व्यक्ति का मतदान केन्द्र के 100 मीटर के भीतर सशस्त्र प्रवेश निषिद्ध होगा। मतदेय स्थल के अंदर किसी भी व्यक्ति से संलग्न सुरक्षा कर्मियों को अनुमति नहीं दी जायेगी। केवल जेड प्लस सुरक्षा के दायरे में आने वाले व्यक्ति इसके अपवाद होंगे।

यदि किसी निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थी को उस मतदेय स्थल या पड़ोसी मतदेय स्थल का मतदान अभिकर्ता नहीं मिलता है, तो यह उस विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र के किसी मतदाता को मतदान अभिकर्ता नियुक्त कर सकता है मतदान अभिकर्ता की नियुक्ति से संबंधित आयोग के अन्य प्राविधान यथावत् लागू रहेंगे रहेंगे। कोई मंत्री / सांसद / विधायक / एमएलसी या कोई अन्य व्यक्ति जो सुरक्षा घेरे में हैं, की नियुक्ति निर्वाचन अभिकर्ता / पोलिंग अभिकर्ता / मतगणना अभिकर्ता के रूप में नहीं किया जा सकता। सुरक्षा कवर प्राप्त ऐसे किसी भी व्यक्ति को अभ्यर्थी के अभिकर्ता के रूप में कार्य करने के लिए अपने सुरक्षा कवर को आत्मसमर्पण करने की अनुमति नहीं दी जायेगी। प्रत्येक अभ्यर्थी एक के अतिरिक्त और मतदान अभिकर्ता को राहत मतदान अभिकर्ता के रूप में नियुक्त करने के हकदार है, लेकिन किसी भी समय दोनों को मतदान केन्द्र में रहने अनुमति नहीं दी जायेगी। पीठासीन अधिकारी किसी भी परिस्थिति में मतदान समाप्ति से दो घंटे पूर्व के अन्दर किसी भी मतदान अभिकर्ता को उसके प्रतिस्थानी अभिकर्ता से बदले जाने की अनुमति देंगे। किसी भी परिस्थिति में मतदान अभिकर्ता को मतदान समाप्ति से पूर्व निर्वाचक नामावली की उसकी प्रति मतदान केन्द्र से बाहर ले जाने की अनुमति नहीं दी जायेगी। अभ्यर्थियों के मतदान अभिकर्ताओं के लिए मतदान केन्द्र पर बैठने की व्यवस्था प्राथमिकता के क्रम में की जाएगी अर्थात मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय दलों के अभ्यर्थी, मान्यता प्राप्त राज्यीय दलों के अभ्यर्थी, अन्य राज्यों के मान्यता प्राप्त राज्यीय दलों अभ्यर्थी, जिन्हें निर्वाचन क्षेत्र में उनके आरक्षित प्रतीकों के उपयोग करने की अनुमति दी गई है, पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त दलों के अभ्यर्थी और निर्दलीय अभ्यर्थी पीठासीन अधिकारी द्वारा मतदान केन्द्र के अन्दर केवल निर्धारित व्यक्तियों को ही प्रवेश करने की अनुमति दी जायेगी। निर्वाचक, मतदान अधिकारी, एक समय में प्रत्येक अभ्यर्थी, उनका निर्वाचन अभिकर्ता और प्रत्येक अभ्यर्थी का एक समय में एक मतदान अभिकर्ता, आयोग द्वारा प्राधिकृत व्यक्ति, ड्यूटी पर तैनात लोक सेवक, किसी निर्वाचक के गोद में बच्चा, किसी नेत्रहीन अथवा अशक्त निर्वाचक, जो बिना किसी सहायता के चल अथवा मत नहीं डाल सकता हो, के साथ आने वाला व्यक्ति और पीठासीन अधिकारी की अनुमति से समय-समय पर निर्वाचकों की पहचान अथवा मतदान कराने में उनकी सहायता करने के लिए प्रवेश पाने वाले व्यक्ति की अनुमति होगी। मतदान दिवस के दिन अभ्यर्थी के लिए 01 वाहन, निर्वाचन अभिकर्ता के लिए 01 वाहन और अभ्यर्थी के कार्यकर्ताओं / दलीय कार्यकर्ताओं के लिए 01 वाहन इस प्रकार कुल 03 वाहनों की अनुमति होगी। चारपहिया वाहन में चालक सहित 05 से अधिक व्यक्ति की अनुमति नहीं होगी। यदि अभ्यर्थी निर्वाचन क्षेत्र से अनुपस्थित है तो उसे आवंटित वाहन का उपयोग किसी अन्य व्यक्ति को करने की अनुमति नहीं हैं। इन वाहनों द्वारा करने मतदाताओं को ढ़ोए जाने पर भ्रष्ट आचार अधिनियम, 1951 की धारा 133 और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 123 (5) के अधीन दंडात्मक कार्यवाही की जायेगी। कोई वाहन स्वामी या तो स्वयं के लिए या अपने परिवार के सदस्यों को उनके मताधिकार का प्रयोग करने के लिए मतदान केन्द्र पर जाने के लिए निजी वाहन का उपयोग कर सकता है, लेकिन किसी भी स्थिति में ऐसे वाहन को मतदान केन्द्र के 200 मीटर की त्रिज्या के भीतर जाने की अनुमति नहीं होगी। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा-130 के निर्दिष्ट उपबंधों के अनुसार मतदान के दिन मतदान केन्द्र के 100 मीटर की दूरी के भीतर मतदान केन्द्र या किसी भी सार्वजनिक या निजी स्थान के भीतर कोई प्रचार नहीं किया जा सकता है या मत देने के लिए या नहीं देने के लिए संयाचना नहीं की जा सकती है। जो कोई व्यक्ति ऐसा करेगा वह सुसंगत प्राविधानों के तहत दंड का भागी होगा। प्रिंट / इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधियों द्वारा किसी भी तरह से मतदान प्रक्रिया की तस्वीर को कैद करना निषिद्ध होगा।

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